Category: Bhaat ke Geet

Folk song by Parveen Kadian, Bhaat ke geet 8  “गलियारा स्केरयाई री के भात्ती आवैंगे …….”

Folk song by Parveen Kadian, Bhaat ke geet 8 “गलियारा स्केरयाई री के भात्ती आवैंगे …….”

“भात के गीत-8 “”गलियारा स्केरयाई री के भात्ती आवैंगे …….”” लोक गीत किसी संस्कृति के प्रवाह का मुख्य आधार होते हैं। संस्कृति व संस्कार इन्हीं लोक गीतों के माध्यम से अगली पीढ़ियों में हस्तांतरित होते हैं। इसलिए हमने...

Folk song by Parveen Kadian, Bhaat ke geet 7 “मेरी जेठाणि कै 5 भाई… मेरै मेरी माँ का जाया एक सै…….”

Folk song by Parveen Kadian, Bhaat ke geet 7 “मेरी जेठाणि कै 5 भाई… मेरै मेरी माँ का जाया एक सै…….”

“भात के गीत-7 “”मेरी जेठाणि कै 5 भाई… मेरै मेरी माँ का जाया एक सै…….”” लोक गीत किसी संस्कृति के प्रवाह का मुख्य आधार होते हैं। संस्कृति व संस्कार इन्हीं लोक गीतों के माध्यम से अगली पीढ़ियों में...

Folk song by Parveen Kadian, Bhaat ke geet 6 “हे तीजाँ का बड़ा त्योहार बहू-ए तेरी आवैगी कोथली ए …….”

Folk song by Parveen Kadian, Bhaat ke geet 6 “हे तीजाँ का बड़ा त्योहार बहू-ए तेरी आवैगी कोथली ए …….”

“भात के गीत-6 “”हे तीजाँ का बड़ा त्योहार बहू-ए तेरी आवैगी कोथली ए …….”” लोक गीत किसी संस्कृति के प्रवाह का मुख्य आधार होते हैं। संस्कृति व संस्कार इन्हीं लोक गीतों के माध्यम से अगली पीढ़ियों में हस्तांतरित...

Folk song by Parveen Kadian, Bhaat ke geet 5 “मत बरसो अम्बर राज मेरी माँ का जाया बीजै ….मेरी माँ का जाया बीजै ….”

Folk song by Parveen Kadian, Bhaat ke geet 5 “मत बरसो अम्बर राज मेरी माँ का जाया बीजै ….मेरी माँ का जाया बीजै ….”

“भात के गीत-5 “”मत बरसो अम्बर राज मेरी माँ का जाया बीजै ….मेरी माँ का जाया बीजै ….”” लोक गीत किसी संस्कृति के प्रवाह का मुख्य आधार होते हैं। संस्कृति व संस्कार इन्हीं लोक गीतों के माध्यम से...

Folk song by Parveen Kadian, Bhaat ke geet 4 “नणद री कद की खड़ी मैं तेरी जड़ मैं भेद बता दे सारा री ……..”

Folk song by Parveen Kadian, Bhaat ke geet 4 “नणद री कद की खड़ी मैं तेरी जड़ मैं भेद बता दे सारा री ……..”

“भात के गीत-4 “”नणद री कद की खड़ी मैं तेरी जड़ मैं भेद बता दे सारा री ……..”” लोक गीत किसी संस्कृति के प्रवाह का मुख्य आधार होते हैं। संस्कृति व संस्कार इन्हीं लोक गीतों के माध्यम से...

Folk song by Parveen Kadian, Bhaat ke geet 3 “भेली और चावल लेकै भात न्योत्णे आई रे, तू तो बीरा ……..”

Folk song by Parveen Kadian, Bhaat ke geet 3 “भेली और चावल लेकै भात न्योत्णे आई रे, तू तो बीरा ……..”

“भात के गीत-3 “”भेली और चावल लेकै भात न्योत्णे आई रे, तू तो बीरा ……..”” लोक गीत किसी संस्कृति के प्रवाह का मुख्य आधार होते हैं। संस्कृति व संस्कार इन्हीं लोक गीतों के माध्यम से अगली पीढ़ियों में...

Folk song by Parveen Kadian, Bhaat ke geet 2 “ए मैं रुंझुन अरथ जुड़ा कै भात न्योतणे चाल्ली ……..”

Folk song by Parveen Kadian, Bhaat ke geet 2 “ए मैं रुंझुन अरथ जुड़ा कै भात न्योतणे चाल्ली ……..”

“भात के गीत-2 “”ए मैं रुंझुन अरथ जुड़ा कै भात न्योतणे चाल्ली ……..”” लोक गीत किसी संस्कृति के प्रवाह का मुख्य आधार होते हैं। संस्कृति व संस्कार इन्हीं लोक गीतों के माध्यम से अगली पीढ़ियों में हस्तांतरित होते...

Folk song by Parveen Kadian, Bhaat ke geet 1 “Gathri Mathir bandh ke bira terai aai ….”

Folk song by Parveen Kadian, Bhaat ke geet 1 “Gathri Mathir bandh ke bira terai aai ….”

भात के गीत-1″”गठड़ी मठड़ी बांध कै बीरा तेरै आई….”Gathri Mathir bandh ke bira terai aai ….” लोक गीत किसी संस्कृति के प्रवाह का मुख्य आधार होते हैं। संस्कृति व संस्कार इन्हीं लोक गीतों के माध्यम से अगली पीढ़ियों...